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Krishna Khatri

Others

3  

Krishna Khatri

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क्या उम्र भी ,,,,,, ?

क्या उम्र भी ,,,,,, ?

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एक शाम के वक्त 

मैं यूं ही 

अपनी खिड़की के 

बाहर देख रहा था 

कि अचानक ध्यान गया 

ढलते हुए सूरज की तरफ

जो बहुत ,,,,,

सुंदर लग रहा था 

मेरी नज़रें 

वहां से हट नहीं रही थी 

अस्ताचलगामी सूरज -

इतना सुंदर !

मगर कुछ ही पलों में

उस सौंदर्य को 

मानो ग्रहण लग गया 

अंधेरा गहराते-गहराते

कालिख में बदल गया 

तब एकाएक खयाल आया 

क्या उम्र भी -

इसी तरह ढलती है ?

उसका भी यही हश्र होता है ?

फिर जैसे किसी ने

जवाब दिया - ' हां '

मैं धक से रह गया !

     



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