SURYAKANT MAJALKAR
Others
तुझ को इन्कार करना,
हमेशा चाहूँ प्यार करना।
तेरी हुस्न के चर्चे गुलाब
की बाग़ान में है।
तेरी ख़ुबसूरती पे उन्हें
ऐतबार है।
जब भी बात प्यार की
निकलती है।
वो खुद को पेश करके
वाह वाह बटोर लेते हैं।
जिंदगी ..अनलि...
हम
आँसू
गोरी का सपना
सपना
चार दिन की चा...
सलाम दुआ
रंग काला नहीं...
'लौट आया हूं ...