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Rita Jha

Others

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जय शिव ओंकारा

जय शिव ओंकारा

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हे कैलाशपति, हे उमापति, हे शशिशेखर बाबा।

हे ललाटाक्ष, हे गंगाधर, हे विश्वेश्वर बाबा।।


जग के पालनहार बाबा का करूँ जयकारा।

जपूँ जय शिव ओंकारा, जय शिव ओंकारा।।


कोठा अटारी और महल भक्तों को देते भोले बाबा।

भाये न उनको कोठा जा बसे कैलाश वामदेव बाबा।। 


हे कैलाशपति, हे उमापति, हे शशिशेखर बाबा।

हे ललाटाक्ष, हे गंगाधर, हे विश्वेश्वर बाबा।।


सुख भक्तों को अपार देवें, मृगछाला ही जिनका आधार हो।

सुख से दूरी रखें शिव शंकर घूमें नंदी पर सवार हो।।


जप तप करने वाले का सदा ही उद्धार करें।

भक्तवत्सल शिव शंभू भक्तों की नैया पार करें।


हे कैलाशपति, हे उमापति, हे शशिशेखर बाबा।

हे ललाटाक्ष, हे गंगाधर, हे विश्वेश्वर बाबा।।


त्रिलोकेश की पूजा करके भांग और धतूरा लेकर चढ़ावें।

मन से पूजा करें जो बाबा शूलपानी की फल इच्छित वो पावें।


निज श्रृंगार भाये न जिनको भस्म श्रृंगार करते औघड़दानी बाबा।

नारी के सोलहों श्रृंगार की करें रक्षा, दयानिधान मृत्युंजय बाबा।


हे कैलाशपति, हे उमापति, हे शशिशेखर बाबा।

हे ललाटाक्ष, हे गंगाधर, हे विश्वेश्वर बाबा।।


करती पुकार आई हूँ तेरे द्वार, करो पूजा स्वीकार बाबा।

पाप सारे अब हरो, एक बार दर्शन दो से सहस्रपाद बाबा।


आज एक ही चाहत मन में लिए प्रभु सभी ने व्रत रखा जानिए। 

आई है जग विपदा भारी, बाबा वैद्यनाथ अब तारिए।।  


हे कैलाशपति, हे उमापति, हे शशिशेखर बाबा।

हे ललाटाक्ष, हे गंगाधर, हे विश्वेश्वर बाबा।।



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