STORYMIRROR

Bijjal Maru

Others

2  

Bijjal Maru

Others

हुस्न का इंकलाब

हुस्न का इंकलाब

1 min
337


वो हुस्न भी क्या हुस्न है

जिसकी तारीफ़ कोई इश्क़ ना करे

मैंने ख़ुद से मोहब्बत कर ली।


रिवायत को रुसवा कर दी

अपने ही हुस्न पे जो छेड़ी ग़ज़ल

हंगामा सारे शहर में उठा।


हसीनों में उठा इंकलाब का नारा

इश्क़ की शहादत हो गयी!


Rate this content
Log in