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बृज व्यास

Children Stories Inspirational


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बृज व्यास

Children Stories Inspirational


" हरियाली पर प्रश्न खड़े " !!

" हरियाली पर प्रश्न खड़े " !!

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वसुंधरा , भू , धरती के ,

हम पर हैं उपकार बड़े !!


जननी सा लालन पालन है ,

भूख प्यास सब दूर करे !

धूप घनेरी सही न जाये ,

वृक्षों की छाया उतरे !

अपना सब कुछ सौंपा हमको ,

हम नालायक हैं तगड़े !!


खनन किया है हमने ऐसा ,

पर्वत , सागर , नदिया का !

गहरे , गहरे इतने उतरे ,

धरा रह गई भौचक्का !

कानन कानन चले काटते ,

हरियाली पर प्रश्न खड़े !!


पृथ्वी बनी आग का गोला ,

मौसम कहाँ नियंत्रित है !

दावानल हैं , ज्वालामुख हैं ,

तूफाँ उठे असीमित हैं !

अपना सारा किया धरा है ,

हमीं धरा से हैं उखड़े !!


चलो आज दायित्व निभायें ,

पौधों का रोपण करना !

अपनी श्वासें करें नियंत्रित ,

वरना तिल तिल कर मरना !

हरा भरा आँचल हो माँ का ,

भाव भरे मोती ये जड़ें !!



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