STORYMIRROR

Seema Sharma

Others

4  

Seema Sharma

Others

हाय गरीबी

हाय गरीबी

1 min
519

टपका घर

रोता हुआ गरीब

सिकुड़ी रात


बिन मौसम

कड़कती बिजली

हो रही वर्षा


कैसी न वर्षा

अन ना ही उपजा

का भूखा खाए


मांगता भीख

बिछौना पगड़ी का

विपदा हाय


दुख बहुत 

गरीब की विपदा

सुनता कौन


कर्म गठरी

हर रंग दिखावे

उसकी माया


चादर मैली

किसका फिर रोना

है फल योग


आस सहारे

भगवन तिहारे

रो रो पुकारे


का पछतावे

समय पाछे फिर

शोक मनावे


करना दया

काम बहुत आवे

पीर फकीर।


Rate this content
Log in