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Kunal Goswami

Others

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Kunal Goswami

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ग़ज़ल

ग़ज़ल

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हर समय और हर घड़ी बन जाओ तुम 

तीरगी में रोशनी बन जाओ तुम 


ये  दरिन्दे  नोच  खाएंगे  तुम्हें 

तितलियों अब शेरनी बन जाओ तुम 



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