गिलहरी
गिलहरी
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बड़ी फुरतीली ,धारीदार
गिलहरी सुंदर लगती
फुदक फुदक कर दौड़ लगाती
सुबह शाम है नजर आती।
कुतर कुतर खाना खाती
सख्त चीजें सब हैं भाती
खुश हो आवाजें करती
सुबह शाम ज्यादा गुंजाती।
राम जी की साथी यह
आँगन में घूमे तो शुभ है
खुशखबरी का रहे असार
खुशियाँ मिले पैर पसार।
अद्भुत आकृति ,अद्भुत रंग
मानव संग चलते हरदम
प्यारी गिलहरी सबको भाती
इसकी फुदक दिल बहलाती।
