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Preeti Praveen

Others Tragedy

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Preeti Praveen

Others Tragedy

गीत - हे री सखी मोहे पीर भाई

गीत - हे री सखी मोहे पीर भाई

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हे री सखी मोहे पीर भई

मैं कासे कहूँ मोहे पीर भई

हे री सखी..............।।

पीर कहन माई के गई

माई की व्यथा मैं देख भई

अकुलान लगी बौरान लगी

मैं डोलत-डोलत आप फिरी

हे री सखी...............।।

पीर कहन दिदिया के गई

दिदिया की दशा मैं देख भई

कुम्हलान लगी मुरझान लगी

मैं रेंगत-रेंगत आप फिरी

हे री सखी................।।

पीर कहन सख़ियन के गई

सख़ियन की दशा मैं देख भई

मरजान लगी विषघात लगी

मैं टूटत-फूटत मिटन लगी

हे री सखी.................।।


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