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Pawanesh Thakurathi

Children Stories

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Pawanesh Thakurathi

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घर में दादाजी का होना

घर में दादाजी का होना

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समंदर में हंसती-खिलखिलाती

नाव का होना।


सुनसान जगह पर किसी परिचित

पांव का होना।


कुश्ती के अखाड़े में विजित

दांव का होना।


वीराने में बसे किसी

गाँव का होना।


घर में दादाजी का होना

ठीक वैसा ही है

जैसे किसी बरगद की छांव का होना।



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