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Kishor Zote

Others

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Kishor Zote

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एहसास

एहसास

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एहसास होना चाहिये 

हर एक बात का यूं

फिर रहता है खुद पर 

खुद का ही काबू यूं


माता - पिता का प्यार

कमज़ोरी ना मानो यूं

जिंदगी के धूप में उन्हे

घर से बेघर ना करो यूं


सभी रिश्ते नातों से

जिंदगी संवर जाती यूं

हर एक कड़ी को देखो

हरदम जुड़ाए रखो यूं


जवानी चार दिन की देखो

किसी का दिल ना दुखाओ यूं

हर कोई कभी काम आयेगा

यह बात जान लो यूं



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