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Ankita Singh

Others

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Ankita Singh

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दोस्ती

दोस्ती

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क्या नाम दूँ इस ज़माने की

दोस्ती को कभी हँसाती तो

कभी हँसी ही मिटा देती है...।।


अब क्या नाम दूँ इसको..???


आज कल की दोस्ती पैसे

से मजबूत होती है

दिल तो खिलौना है

एक साथ पल गुज़ारना

तो बहाना है...।।


अपनी प्रिय, को कभी

बदलते देखा है।

मुस्कुुुराते हुए खेल

खेलते देखा है।।

अब क्या नाम दूँ इसको..???




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