STORYMIRROR

Shubhra Ojha

Others

3  

Shubhra Ojha

Others

दोस्त

दोस्त

1 min
273

दुनियादारी से कोई लेना देना नहीं,

सभी रिश्तों में खास होते हैं

।

मेरी आंँखों के मोती को लुढ़कने देते नहीं,

कुछ दोस्त लाजवाब होते हैं।


खट्टे -मीठे लम्हों से भरा है यादों का पिटारा,

जब देखते पुरानी एलबम तो उन्हें याद कर लेते हैं।


जीवन के हर मोड़ पर मिले हैं दोस्त नए,

फिर भी पुराने वाले दिल के पास होते हैं।


दोस्ती का दिन मुकर्रर किसने किया ?

बिना दोस्त "शुभ्रा" के अल्फ़ाज़ नहीं होते हैं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन