दिल की व्यथा
दिल की व्यथा
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दिल की व्यथा
दिल कह रहा है मुझसे
मैंने बड़ी मेहनत और किस्मत से
दोस्तों को पाया है
बड़ी निष्ठा और प्यार से
दोस्ती का रिश्ता निभाया है
कैसे साथ रहूं इनके अब
वक्त ही कुछ ऐसा आया है
एक तरफ दोस्तों को
दूसरी तरफ मंजिल को खड़ा पाया है
इनका साथ छोड़ता हूं तो
खुश नहीं रह पाऊँगा
और अगर साथ ना छोड़ा तो
मंजिल तक नहीं पहुंच पाऊँगा
समझ में मेरी भी कुछ नहीं आ रहा
क्या समझाऊं इसको
और क्या रास्ता दिखाओ इसको
बस इतना पता है मुझे
जीवन में दोस्त और मंजिल
दोनों जरूरी है
दोस्तों के साथ रहकर
दिल को खुश कर सकती हूं
और मंजिल को हासिल कर
दोस्तों को खुश रख सकती हूँ।।
