STORYMIRROR

अच्युतं केशवं

Others

3  

अच्युतं केशवं

Others

धरती के परिपथ पर

धरती के परिपथ पर

1 min
311

धरती के परिपथ पर

मोड़ लिया रश्मि-रथ

उत्तरापथ हुए पुनः

सूर्य माघ मास के


गुनगुनी किरणों के

हिरणों की चौकड़ी

से पुनः स्पन्दित

वन दूब घास के


उतर भूमि मैया पर

धूप की चिरैया ने

दाने सब चुग डाले

कोहरे कुहास के


हरीतिम गलीचे पर

बैठी थी उर भींचे

सरसों ने छेड़ दिए

सुर नये सुवास के



Rate this content
Log in