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Pawanesh Thakurathi

Others


4.8  

Pawanesh Thakurathi

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ढाई आखर लिखते रहेंगे

ढाई आखर लिखते रहेंगे

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बहुत उदास है जिंदगी

इसलिए तुम मुस्कुराती रहो

हम हँसते रहेंगे। 


बहुत बेसुरे से हैं सुर

इसलिए तुम गाती रहो

हम सुनते रहेंगे। 


चांद के पास अपनी रोशनी भी तो नहीं

इसलिए तुम किरण बनके चमकाती रहो

हम चमकते रहेंगे। 


बहुत नादान है ये दिल

कुछ समझता ही नहीं

इसलिए तुम समझाती रहो

हम समझते रहेंगे। 


जिंदगी कटेगी नहीं तुम बिन

मालूम है हमें

इसलिए स्याही बनकर

कलम में आती रहो। 

हम उम्र भर ढाई आखर

लिखते रहेंगे।


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