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Garima Kanskar

Others

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Garima Kanskar

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चीख

चीख

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जब दर्द हद से

ज्यादा बढ़ जाये

इतना कि सहना

मुश्किल हो जाये,


दिल का शोर

इतना बढ़ जाये

की उससे लड़ना

मुश्किल हो जाये,


तो अनायास ही

हम भावुक हो जाते हैं

भावनाओं में

इतना वह जाते हैं,


हम समझ ही नहीं पाते हैं

कि क्या हो रहा है?

और एक जोर की

आवाज के साथ

चिल्लाने लगते हैं,

हमारी चीख को

हर कोई सुनता है

खमोशी से।



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