STORYMIRROR

bimlesh rai

Others

2  

bimlesh rai

Others

चार कंधे

चार कंधे

1 min
129

वह भी चार कंधों पर थी 

मैं भी चार कंधों पर था

वह फूलों से लगी थी

मैं भी फूलों से लदा था

उस पर भी कोई रो रहा था

मुझ पर भी कोई रो रहा था

बस फर्क इतना था कि

महा ससुराल जा रही थी

मैं श्मशान जा रहा था



Rate this content
Log in