STORYMIRROR

Praveen Gola

Others

3  

Praveen Gola

Others

बसंत की पहेलियाँ

बसंत की पहेलियाँ

1 min
466

बसंत की धूम मची

चारों ओर हुई खलबली

कोई पीले वस्त्र लाया

तो कोई जाड़े को खदेड़ आया।


मैं भी गई बसंत मनाने

जो रूठे थे उन्हे करीब लाने

सबने मिलकर की अठखेलियाँ

और बूझी बसंत की पहेलियाँ।


जो खेतों को हरा भरा बनाती

एक स्वादिष्ट सब्जी बन सबके

मन भाती

और बसंत आने पर पीले फूल

खिलाती

जो बताये उसके नाम की

बजती तालियाँ।


एक सखी ने सही बताया 

सरसों का नाम उसकी जुबाँ पर आया 

फिर पूछा दूसरी ने कि बताओ

किनकी पूजा से सजती मिठाई की

ठेलियाँ ?


माँ सरस्वती का नाम तब

तीसरी ने सुझाया

अपने हिस्से का इनाम तब उसने पाया

बूझते रहे सारी रात ऐसी पहेलियाँ

ये थीं बसंत ऋतु की अठखेलियाँ।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन