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काव्य चकोर

Others

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काव्य चकोर

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बन जाए बात

बन जाए बात

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अक्सर बदलते है इंसान

बदलते ही हालात।


जुदाई लंबी हो रही है,

और छोटी मुलाक़ात।


वैसे तो मिलते है दो इंसान,

मगर मिलते नहीं खयालात।


अगर दोनों मिल जाए

तो बन जाए बात।


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