बचपन और पानी का रिश्ता
बचपन और पानी का रिश्ता
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बचपन और पानी
का रिश्ता
बहुत खास होता है,
बड़े होने पर
इस बात का एहसास होता है।
जब मन थकान
से भर जाता है
मन को चैन नहीं आता है
तो दिल बच्चा बनकर
पानी के संग
खेलने लग जाता है।
जो सुकून शांति
संतोष बच्चा बनकर आता है
वो मुझे कहीं ओर
नजर नहीं आता है।
चिंता तो हर
जगह मौजूद है
पर जहाँ बचपन है
वहाँ सिर्फ़
और सिर्फ
ख़ुशी हैं जिन्दगी है।
