STORYMIRROR

Madhur Dwivedi

Others

2  

Madhur Dwivedi

Others

अलविदा 2019

अलविदा 2019

1 min
442

ये जाने वाला साल कुछ तो कर गया,

कि आज फिर जी कुछ लिखने को मचल गया ।


ये जाने वाला साल फिर कुछ कर गया,

कुछ अपने ले गया कुछ सपने दे गया ।


सपने अपनों से फिर मिल जाने के,

सपने दूरियों के पास आने के।


एक दूसरे की गलतियों को भुलाने के,

भूल न सकें तो माफ करने के।


आने वाले साल में शायद कुछ नया कर पाएं,

जितना प्रेम दिल में है , शायद सबको दिखा पाएं।


इस आने वाले साल में सबको खुशी मिले,

गम सबके कम हों, सबको जिंदादिली मिले।


2020 में उन्नीस बीस कोई न रहे , सब बराबर हों,

एक दूसरे की खुशी में , गम में सब मुत्तहिद हों।


दुआ बस यही है कि आने वाला साल सबको सलामत रखे,

घर और बाहर के माहौल को जन्नत रखे।


इस आने वाले साल में जो बिछड़े थे वो मिल जाएं ,

और जो पराये थे वो भी अपने हो जाएं।



ഈ കണ്ടെൻറ്റിനെ റേറ്റ് ചെയ്യുക
ലോഗിൻ

More hindi poem from Madhur Dwivedi

अलविदा 2019

अलविदा 2019

1 min വായിക്കുക

जेल

जेल

1 min വായിക്കുക

बचपन

बचपन

1 min വായിക്കുക

तकरार

तकरार

1 min വായിക്കുക

दिल्ली

दिल्ली

1 min വായിക്കുക