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Noor N Sahir

Others

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Noor N Sahir

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ऐ मेरे दोस्त, तू कहाँ पर है?

ऐ मेरे दोस्त, तू कहाँ पर है?

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देख हालात क्या हुए मेरे?

सारे जज़्बात मर गए मेरे।

ज़िन्दगी बोझ बन गई है अब,

दिल मेरा इस क़दर दुखी है अब।


मेरे बारे में कुछ तो सोच ज़रा,

तू जहाँ भी है तू जहाँ पर है।


ऐ मेरे दोस्त तू कहाँ पर है?


साथ जब हम थे कितनी खुशियाँ थीं?

जो हमारे लिए तरसती थीं।

आसमानों से बारिशें सारी,

बस हमारे लिए बरसती थीं,


मैं ज़मीनों पे बिखरा-बिखरा हूँ,

ऐसा लगता तू आसमाँ पर है।


ऐ मेरे दोस्त तू कहाँ पर है?


रात को नींद भी नहीं आती,

याद तेरी बहुत-ही तड़पाती।

दिल तेरा नाम ही पुकारे है,

ज़ीस्त अब भी तेरे सहारे है।


जिस तरफ़ देखूँ तू नज़र आए,

ये बता तू कहाँ-कहाँ पर है?


ऐ मेरे दोस्त तू कहाँ पर है?



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