Click Here. Romance Combo up for Grabs to Read while it Rains!
Click Here. Romance Combo up for Grabs to Read while it Rains!

आखिर कब होगें आजाद हम

आखिर कब होगें आजाद हम

1 min 261 1 min 261

सोता है आज भी वो

सुबह की सूखी रोटी खाकर

गरीबी के साम्राज्य की सत्ता से

आखिर कब होंगे आजाद हम


पैनी नजर गड़ाए बैठे हैं वहसी दरिंदे

संकीर्ण मानसिकता की गुलामी से

आखिर कब होंगे आजाद हम


मजबूर है फंदे पर लटकने को किसान

कर्जे के विशाल बवंडर के बोझ से

आखिर कब होंगे आजाद हम


आमदनी से आगे जाने को तैयार है खर्चा

महंगाई डायन किस विकराल रूप से

आखिर कब होंगे आजाद हम


डिग्रियां लिए सड़कों पर घूमता है नौजवान

बेरोजगारी की महा बीमारी से

आखिर कब होंगे आजाद हम

आखिर कब होंगे आजाद हम.....


Rate this content
Log in