कुछ मन की करी जाये कुछ मन की करी जाये
लड़ते तुम सारी दुनिया से, या केवल अपने से लड़ते ? तुम होते, तो तुम क्या करते ? लड़ते तुम सारी दुनिया से, या केवल अपने से लड़ते ? तुम होते, तो तुम क्या करते ?
कहाँ वो पत्थर की मूरत और जिंदगी दांव पर है। दूर बैठा कोई सोचे वो सवार दो दो नाव पर है! कहाँ वो पत्थर की मूरत और जिंदगी दांव पर है। दूर बैठा कोई सोचे वो सवार दो दो...
हमपे कर्ज है अपने वतन का यह , दो पल की जिंदगी।। हमपे कर्ज है अपने वतन का यह , दो पल की जिंदगी।।
मंजिल अभी दूर है चलो दो कदम हमारे साथ दो पल की जिंदगी थोड़ा सा मुस्कुराएं। मंजिल अभी दूर है चलो दो कदम हमारे साथ दो पल की जिंदगी थोड़ा सा मुस्कुराएं।
उम्मीदें रूठ गई आरजू के किनारे बह गए, अपनों से दूरी हुई सब किनारे ढह गए। उम्मीदें रूठ गई आरजू के किनारे बह गए, अपनों से दूरी हुई सब किनारे ढह गए।