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चारों ओर अंधियारा है, कोई न किसी का सहारा है। बस मन में एक जोत है, वही तेरे लिए बहुत है।। बाहर सात ... चारों ओर अंधियारा है, कोई न किसी का सहारा है। बस मन में एक जोत है, वही तेरे लिए ...
समय-समय की यह है बात, यह रुकता नहीं किसी के घाट। पल भर में दास बने नवाब, पल भर में यह बने ख्वाब॥ समय-समय की यह है बात, यह रुकता नहीं किसी के घाट। पल भर में दास बने नवाब, पल भर म...
वह बोलना चाहता है, पर लोग क्या सोचेंगे, इस बात से डरता है। वह अपनी वाणी से वह बोलना चाहता है, पर लोग क्या सोचेंगे, इस बात से डरता है। वह अपनी वाणी से
सदियों से जो रचते आए,<br>हैं संसार की कथा।<br>आखिर क्यों न कोई,<br>गाता है उनकी गाथा? सदियों से जो रचते आए,<br>हैं संसार की कथा।<br>आखिर क्यों न कोई,<br>गाता है उनकी ...
भय से आँखें चार कर<br>मैं भय के भय से भर गया;<br>कोई न था साथ तब,<br>पास खड़ा था जग सारा।। भय से आँखें चार कर<br>मैं भय के भय से भर गया;<br>कोई न था साथ तब,<br>पास खड़ा था ...
जो तू पीछे छोड़ आया, क्या वो अब भी है वैसा जैसा उसे ओझल किया था तूने॥ जो तू पीछे छोड़ आया, क्या वो अब भी है वैसा जैसा उसे ओझल किया था तूने॥
आज की नारी अब सब पर भारी॥ जो थी कभी घर-घर की नौकरानी, जो थी कभी खुद लाचारी, आज की नारी अब सब पर भारी॥ जो थी कभी घर-घर की नौकरानी, जो थी कभी खुद लाचारी,
आज की नारी सब पर भारी॥ जो थी कभी घर-घर की नौकरानी, जो थी कभी खुद लाचारी, आज की नारी सब पर भारी॥ जो थी कभी घर-घर की नौकरानी, जो थी कभी खुद लाचारी,