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Upasna Siag

कुछ मन कही, कुछ जग सुनी, कुछ कल्पना की उड़ान, बुन लिए शब्द और बन गई कहानी।

  Literary Brigadier

फिर भी इंतज़ार है

Romance

फिर से जाते हुए पतझड़ में आती हुई बहार का।

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मेरा पहला प्रेम पत्र

Romance

एक मुड़ा-तुड़ा कागज़ का टुकड़ा...।

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जिन्दगी तुझसे क्या शिकायत करूँ

Drama

मंजिल के लिए तरसना मेरी तकदीर शिकायत तुझसे क्या करूँ ...।

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समय के पदचिन्ह

Abstract

कचोटते हैं ह्रदय-तल को अडिग-अविरल लिए स्थायित्व।

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प्रेम की पराकाष्ठा

Abstract

प्रेम की पराकाष्ठा क्या है ? एक बड़ा प्रश्न ...जवाब मुश्किल पर कोशिश करते रहते हैं हम .....

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और तुम मुस्कुरा देना

Romance

बस नज़र भर के और मुस्कुरा देना सोचो तो जरा कोहरा छा जाने से, कम तो नहीं हो जाता सूरज का वजूद.....

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कोहरे में निकली औरत

Inspirational

औरतें एलियन ही तो होती हैं तभी तो उन्हें देख कर सब रुक जाते हैं

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सावन, अब के बरस तू मत आना...

Others

मगर वो फिर भी नहीं आता बस याद ही आती है, दूर कहीं झूले लगे देखती हूँ,    

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हैरान हूँ फ़िर भी मैं!

Others

फैली हथेलियाँबारिश को समेटने को आतुर थीलेनी थी महक सोंधी-सोंधी सी।मन को ना छू सकीगिर गई छू कर हथेलिय...

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वट-वृक्ष सी मज़बूत औरतें

Others

वे वट-वृक्ष सी मज़बूत औरतें...  

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