अपना देश महान
अपना देश महान
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जिस मिट्टी में जन्म की ,चाह करें भगवान।
करे लेखनी किस तरह, उस भारत का गान।
जिस पर वीर सपूत नित,होते हैं कुर्बान।
ऐसे भारत देश का,करें सभी गुणगान।
रखवाली दिन में करे,जिसकी नित्य दिनेश।
दूर फलक से रात में, तके उसे राकेश।
अपनी भारत भूमि पर,है नदियों का जाल।
सिंचित जिनसे देश हो,बनता मालामाल।
खान-पान बोली अलग, हैं जितने भी राज्य।
फिर भी भारत देश का, वे हिस्सा अविभाज्य।
