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विचार पेरणी सुख कळले मांदियाळी रक्षण मन नदीमाय हाल संसार पिढी चक्रव्यूह स्वार्थी परोपकार अभंग उधळण जन जनार्दन चांगले हतबल संतदास

Marathi जन Poems