ऐसा कहकर मालती जी अपनी दोनों बहुओं के साथ घर के काम में व्यस्त हो गईं। ऐसा कहकर मालती जी अपनी दोनों बहुओं के साथ घर के काम में व्यस्त हो गईं।
बैरी चांद आज बादलों की ओट से निकल ही नहीं रहा। पता नहीं शर्मा रहा है या खफा है ? बैरी चांद आज बादलों की ओट से निकल ही नहीं रहा। पता नहीं शर्मा रहा है या खफा है ...