भुवन की इस बात पर लगा कि सबकी सहमति बन गई है। भुवन की इस बात पर लगा कि सबकी सहमति बन गई है।
और क्षितिज की ओर एक निश्चय भरी मुस्कान बिखेर दी दृढ़ता ने। और क्षितिज की ओर एक निश्चय भरी मुस्कान बिखेर दी दृढ़ता ने।
मैं अपनी दोनों चोटियों को मिलाकर देखती और नापती थी मैं अपनी दोनों चोटियों को मिलाकर देखती और नापती थी
क्या हम ऊपर पहाड़ पर जा सकते हैं क्या हम ऊपर पहाड़ पर जा सकते हैं
अच्छा। तो मैं भी तो मैडम को अपनी कमीज दिखा दूंगा। फिर पिटाई तो तेरी भी होगी अच्छा। तो मैं भी तो मैडम को अपनी कमीज दिखा दूंगा। फिर पिटाई तो तेरी भी होगी
चल म्हारे साथ फेरे डलवा ले रानी बनाक रखूंगा रानी चल म्हारे साथ फेरे डलवा ले रानी बनाक रखूंगा रानी