बंटवारे में बिखरी न जाने कितनी ज़िंदगियाँ, शाहिद और रचना भी उन्हीं में से एक हैं। आइए पढ़ते हैं उनकी य... बंटवारे में बिखरी न जाने कितनी ज़िंदगियाँ, शाहिद और रचना भी उन्हीं में से एक हैं।...
एक अधेड़ उम्र, सफेद बाल, कमर से झुकी, बार-बार खांसती, अपने चौदह-पन्द्रह साल के पुत्र के साथ अमृतसर र... एक अधेड़ उम्र, सफेद बाल, कमर से झुकी, बार-बार खांसती, अपने चौदह-पन्द्रह साल के प...
सब तो अपने थे, अर्जुन को कुछ समझ न आ रहा था कि क्या करे, क्या न करें। सब तो अपने थे, अर्जुन को कुछ समझ न आ रहा था कि क्या करे, क्या न करें।
मधुबन था तो खतरनाक, अक्सर बी. एच. यु. के प्रॉक्टर का छापा जोड़ो की तलाश में पड़ता रहता था वहाँ. पर स... मधुबन था तो खतरनाक, अक्सर बी. एच. यु. के प्रॉक्टर का छापा जोड़ो की तलाश में पड़त...
लप्रेक अर्थात लघु प्रेम कथा, इसका पहला साक्षात्कार मुझसे रवीश कुमार जी के फेसबुक पोस्ट और उनके ब्लॉग... लप्रेक अर्थात लघु प्रेम कथा, इसका पहला साक्षात्कार मुझसे रवीश कुमार जी के फेसबुक...
दोनों ने एक पंडा की दुकान पर जूते-चप्पल उतरे, हाथ धोये और पानी मिले दूध का कलश, दो फुनगी मदार, एक धत... दोनों ने एक पंडा की दुकान पर जूते-चप्पल उतरे, हाथ धोये और पानी मिले दूध का कलश, ...