तेज़ चमकती सूरज की रोशनी हॉस्पिटल के कमरे को चीरती हुई उसके घर के कमरे तक आ रही थी. तेज़ चमकती सूरज की रोशनी हॉस्पिटल के कमरे को चीरती हुई उसके घर के कमरे तक आ रही ...
वो अलग बात है कि जनता अपने इस हक़ को लगभग तिलांजलि ही दे चुकी थी। वो अलग बात है कि जनता अपने इस हक़ को लगभग तिलांजलि ही दे चुकी थी।
महिला - दिवस...। महिला - दिवस...।
कहते हैं कि लालच बुरी बला है ! कैसे ? जानने के लिए पढ़िए यह लघुकथा...। कहते हैं कि लालच बुरी बला है ! कैसे ? जानने के लिए पढ़िए यह लघुकथा...।
क्या किसी ने सोचा भी होगा कि कोई अपनी ही बहू का कन्यादान भी कर सकता हैं, ‘’एक अनोखा कन्यादान’’ ! क्या किसी ने सोचा भी होगा कि कोई अपनी ही बहू का कन्यादान भी कर सकता हैं, ‘’एक ...
उसकी इच्छा का सम्मान करना चाहिए, चाहे वो उसकी पत्नी हो... या कोई और... उसकी इच्छा का सम्मान करना चाहिए, चाहे वो उसकी पत्नी हो... या कोई और...