STORYMIRROR

Ashish Singh

Others

3  

Ashish Singh

Others

मौन

मौन

1 min
22

हमने वो सारे एहसासों और ख्वाबों को अपने मन के भीतर दबा दिया।

जाने देना कौन चाहता उन्हें जिन्हें हमने खुद से ऊपर रखा। लेकिन वक्त की बंदिशे शायद यही चाहती थीं, हम मौन खड़े होकर कारवां को गुजरते देखते रहूं।

उनख्वाबो को पूरा न होते हुए देखता रहूं।

शायद 

..... मौन बेहतर हैं


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन