चलो 5 किलोमीटर दौड़ म़ार कर पहुँचो मैदान में आज तुम्हे महाकाल बनाता हूँ”! चलो 5 किलोमीटर दौड़ म़ार कर पहुँचो मैदान में आज तुम्हे महाकाल बनाता हूँ”!
सरिता की बातो में अकेलापन कोई भी महसूस कर सकता था.. सरिता की बातो में अकेलापन कोई भी महसूस कर सकता था..
अपने दस्तावेजों को अनजाने कॉल आने पर साँझा न करे । अपने दस्तावेजों को अनजाने कॉल आने पर साँझा न करे ।
असलम भाई खाना लेकर जैसे ही कमरे में पहुचें तो लाल रंग से उनके पाँव भीग गए। असलम भाई खाना लेकर जैसे ही कमरे में पहुचें तो लाल रंग से उनके पाँव भीग गए।
कशमकश - कहानी का दूसरा भाग। कशमकश - कहानी का दूसरा भाग।
कहानी का पहला भाग। कहानी का पहला भाग।