STORYMIRROR

परिंदों सा...

परिंदों सा नहीं, ख़्वाहिश मगर उड़ने की है मुझमें। चला हूँ मीलों ताकत फिर भी तो चलने की है मुझमें। अभी बौनी उड़ाने भर के नापी है मेरी ताकत। ज़रा कमजोर हूँ हिम्मत मगर भिड़ने की है मुझमें।

By Kamal Purohit
 203