STORYMIRROR

फटी हो जेब...

फटी हो जेब तो कुछ भी नहीं पॉकिट में रख सकते। कहीं भी ज़िंदगी का स्वाद फिर हम तो न चख सकते छुपा कर के नजर लोगों की हम निकले बजारों में। मगर इस हाल में ही लोग को हम हैं परख सकते।

By Kamal Purohit
 127