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कहने को तो...

कहने को तो हम कवियों ने, बातों ढेरों कह डाली। सुनने वाले कईं बजाते, बिन समझें ही कर ताली। क्यों अभिमान भला हम करते, छोटी छोटी बातों पे। खाली हाथ लिए आए थे,जाएंगे भी हम खाली।

By Kamal Purohit
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