अचानक कुछ नहीं होता, वे पहले झांकते क्यों नहीं अपने अंदर । अचानक कुछ नहीं होता, वे पहले झांकते क्यों नहीं अपने अंदर ।
आज का नेता समाज की नाक का फोड़ा,जो दिनो-दिन बनता जा रहा नासूर है। आज का नेता समाज की नाक का फोड़ा,जो दिनो-दिन बनता जा रहा नासूर है।