STORYMIRROR

Hardik Mahajan Hardik

Others

3  

Hardik Mahajan Hardik

Others

ज़िन्दगी के साथ

ज़िन्दगी के साथ

1 min
142

न तुमने सोचा 

न मैंने सोचा

ज़िन्दगी के 

साथ सबकुछ 

दे रखा,

यहीं जीवन

का कहना है,

मिलें गर दर

तो दरिया में 

उतर जाना है,

बेसमाँ बेसब्री 

बड़ी जीवन 

की दास्ताँ है,

आता जाता 

ज़िन्दगी में

यहीं समाँ है।।


Rate this content
Log in