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Hardik Mahajan Hardik

Others

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Hardik Mahajan Hardik

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ज़िन्दगी के साथ

ज़िन्दगी के साथ

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न तुमने सोचा 

न मैंने सोचा

ज़िन्दगी के 

साथ सबकुछ 

दे रखा,

यहीं जीवन

का कहना है,

मिलें गर दर

तो दरिया में 

उतर जाना है,

बेसमाँ बेसब्री 

बड़ी जीवन 

की दास्ताँ है,

आता जाता 

ज़िन्दगी में

यहीं समाँ है।।


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