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वैष्णव चेतन "चिंगारी"

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वैष्णव चेतन "चिंगारी"

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युवा

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युवा आज का.....?


युवा आज का,

एक गृह-सा है,

जिसके चारों ओर,

तेजी-से घूम रही है,

बेरोजगारी,

बेकारी,

लाचारी,

भुखमरी,

गरीबी,

बीमारी,

बदनसीबी,

और फिर,

ऊपर से,

महंगाई,

वास्तव में,

यह सच्चाई हैं,

वह चिंताओं में,

धीरे-धीरे से,

जल रहा हैं,

और.....,

चिता की राख में,

आहिस्ता-आहिस्ता,

बदलता जा रहा है !!

यही है आज के युवा की,

वास्तविक हकीकत !!


  


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