STORYMIRROR

Navin Madheshiya

Children Stories

3  

Navin Madheshiya

Children Stories

वर्षा ऋतु

वर्षा ऋतु

1 min
335

 झम झम झम मेघ बरसे

 धरा का तन मन हरसे

 छुट्टी मिली गर्मी से देखो

 प्रफुल्लित हुआ हम सबका मन


 चलने लगी शीतल हवा अब देखो

 झूमने लगा ये तन बदन

 थे गर्मी से बेहाल ये

 पेड़ पौधे फूल सभी


 बारिश हो आया जब

 चमकने लगे हैं सभी

 कोयल कू कू गाती 

 नाचने लगे मोर सभी


 कैसा खुशनुमा मौसम आया है

 जैसे बता रहे हो सभी।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन