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Aarti Ayachit

Others

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Aarti Ayachit

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विचारसागर अफ़साना

विचारसागर अफ़साना

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200

मन की तनहाईयों में

हर लम्हे में है छिपा 

कोई अफ़साना


दिल की गहराइयों से

तमन्ना तो थी बहुत 

हाल ए दिल

सुनाने की उन्हें


उसके पहले पेश किया

खिदमत में ऐसा नज़राना

तरन्नुम में शामिल किया पिरोना


महफ़िल में फिर हुआ आग़ाज़

एक नया अफ़साना

संग लिए प्यार का तराना

मुकद्दर में लिखा यही फ़साना

जिसे याद करेगा सारा ज़माना


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