ट्यूशन पढ़ाई या धंधा
ट्यूशन पढ़ाई या धंधा
ट्यूशन अब तो बना है धंधा
शिक्षा कैसे पाएगा बंदा
माया के इस लालच ने
निजी अध्यापकों को तो
कर दिया अँधा
नाम की रह गई
स्कूल पढ़ाई
काम कर गई अधिक कमाई
मात-पिता की आँखों में
धूल झोंककर अहमियत देते
ट्यूशन पढ़ाई
क्या करे किसे सुनाये
स्कूलों की हालत भी
अभी ठीक नहीं
अंग्रेजी पढ़ाई का आधार बन रही
हिन्दी में
बच्चों की रुचि नहीं
मौका है वो उठाते फायदा
सरकार का सख्त
कोई नियम नहीं
हर दिन खुल रहे
निजी संस्थान भी
सरकारी स्कूलों की
मांग नहीं
निजी अध्यापकों पर
सब विश्वास जताए
सरकारी अध्यापकों के हुनर की
लुटिया डुबाई
पढ़े-लिखे वे शिक्षित सारे
पर काबिलीयत उनकी
समझ ना आए
भाव दे देकर
ट्यूशन को ज्यादा
अहमियत उसकी सबने बढ़ाई
लालच की भूख
जगा निजी संस्थानों की,
ज्ञान पर अध्यापकों के
उंगली उठाई।।
