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Hardik Mahajan Hardik

Others

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Hardik Mahajan Hardik

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टूट कर चली

टूट कर चली

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टूट कर चली गई 

जिंदगी से वो जिंदगी।

किस और जाना हैं

ले जाये वहां जिंदगी।

याद उसकी आती है

आती रहे मुझको।

ना कभी भुलाया मैंने 

ना भूली मुझको।

वक़्त नहीं वो मेरा

जो सही था,

अब वह वक़्त नहीं

उसका जो सही हैं।

बस क़िस्मतें हम

दोनों की जिसमें

बेफ़िक्र हुई ज़िन्दगी,

प्यार के अहसासों में

रखा हम दोनों ने याद

एक खूबसूरत सा

लम्हा जो हमें मिला था।


   


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