प्रज्वलित करो वही अग्नि फिर, भावों को सुलगाओ ना, गीत वही फिर गाओ ना .... प्रज्वलित करो वही अग्नि फिर, भावों को सुलगाओ ना, गीत वही फिर गाओ ना ....
यह झ़ील कौन है यह झ़ील कौन है बारिश़ में आया तुफाँ या है कोई हवा का झोंका। यह झ़ील कौन है यह झ़ील कौन है बारिश़ में आया तुफाँ या है कोई हवा का झोंका।