श्याम सुंदर भजन
श्याम सुंदर भजन
हो मेरे श्याम सुंदर बसे हो मन के अंदर
हो मेरे श्याम सुंदर बसे हो मन के अंदर
श्याम मेरे घनश्याम मेरे झुले लाल
भक्ति का दो वरदान हो मेरे श्याम सुंदर बसे हो मन के अंदर....
तूने कितनों को तारा
सारे जग का हे उबारा
तू दुखियों का सहारा
तू जग का पालन हारा
तूने बिगड़ी बनाई है हजार भक्ति का दो वरदान
हो मेरे श्याम सुंदर बसे हो मन के अंदर
तेरी महिमा है न्यारी
सारी सन्तो को प्यारी
तेरी हर बात निराली
तेरा हर पल करे गुण गाण
भक्ति का
हो मेरी शाम सुंदर बसे हो मन के अंदर....
