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Harshita Dawar

Others

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Harshita Dawar

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रिश्ते बहनों के

रिश्ते बहनों के

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बचपन की नादानियों को यूं ना समझ लेना

ज़िन्दगी खुद की तलाश में जब निकाल पड़ती है

तब एक बहन हमेशा साथ चलते चलते

सबके सामने आकर खड़ी हो जाती है।


पक्की दोस्त ज़िन्दगी भर हमारे साथ देती

हमारी आपत्तियों को हमसे दूर कर देती है 

एक सच्ची साथी बन कर साथ चलना सिखाती है

बचपन में खुद को तकलीफ़ देकर खुद मार खाती थी।


हमें बचाकर खुद की चॉकलेट हमें खिलाती है

नियमों से चलना हमें बताती है

मां के बाद वो भी मां जैसे है ही हमें समझती हैं। 

बचपन के गुडे गुड़िया के खेल खिलौने भी हमें बताती थी।


खुद के पास पैसे ना भी हो हमको

कभी खाली हाथ ना जाने देती है

दिल की बातों को पता नहीं कैसे भांप लेती है

मैं नाराज़ भी हो जाऊ तो फिर भी माना लेती है।


डॉट भी खुब लगती हैप्यार भी खूब करती है

लड़ाई भी खूब करते हैखिलाते भी हम खूब है

बेकार की बातों पर मज़ाक भी खूब करते है

बस ये ऐसे रिश्ते मज़बूत रिश्ते

कभी बनाएं या जताएं नहीं जाते।


बस महसूस हो जाते हैं दिलों को क़रीब ले आते हैं

हम बहनें एक दूसरे की जान में बसे वो खून की धारा है।

अगर एक के निकले तो दूसरे को दर्द मेहसूस होता है

बस रिश्ते की मजबूती को समझने की

ताकत बस ईश्वर देता रहता है।


ईश्वर से गुज़ारिश है यूं ही सबके रिश्ते मजबूत करे

दिलो को दिलो में मिलाते रहे

रंजिशों का दौर यूँ ही ख़त्म हो जाएं

प्यार का पैगाम के आए।     


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