STORYMIRROR

Versha Janardan

Others

3  

Versha Janardan

Others

"पल "

"पल "

1 min
115

वो पल तुझसे एक गुजारिश सी है,

लौट आ ना वो सुनहरा पल बनकर।

जहां एक सुकूं सा था,

जहां एक हंसी सी थी।

खो गई वो मासूमियत और वो मासूम सा दिल,

फिर से वो मासूम सा दिल, वो मासूम सा पल बनकर आ जा।

बड़ी सयानी बना दिया तूने ,

शब्द, बातें सब चुभने सी लगी हैं,

ना चुभे ऐसा मन, ऐसा पल बनकर आ जा।

वो पल तुझसे बस इतनी सी गुज़ारिश सी है,

एक सुनहरा, मासूम सा पल बनकर आ जा।



Rate this content
Log in