STORYMIRROR

Hardik Mahajan Hardik

Others

3  

Hardik Mahajan Hardik

Others

पाप और पुण्य

पाप और पुण्य

1 min
311

पाप क्या पुण्य क्या सब उसे अपने हाल पर छोड़ दो।

जिंदगी का यह उल्लेख ख़ुद से ख़ुद करना छोड़ दो।

होगा वही किस्मत में लिखा हार्दिक भाग्य तेरा होगा।

अपनी जिंदगी जीवन की अपने हाल पर छोड़ दो।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन